बाघ के खौफ से दहला इलाका, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा—वन चौकी पर शव रखकर किया जाम
हल्द्वानी क्षेत्र में बाघ के हमलों से दहशत गहराती जा रही है। गंगा देवी को शिकार बनाए जाने के महज 13 दिन बाद बाघ ने पनियाली में कमला देवी पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया और शव का आधा हिस्सा खा गया। सुबह जंगल गई कमला देवी देर शाम तक घर नहीं लौटीं तो ग्रामीणों ने खोजबीन की, जिसमें उनका क्षत-विक्षत शव जंगल में मिला।
शव गांव लाए जाने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। देर शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीण शव लेकर कठघरिया चौराहा स्थित वन चौकी पहुंच गए और जाम लगा दिया। कुछ लोगों ने वन विभाग के गेट को तोड़ने की भी कोशिश की।
स्थिति बिगड़ती देख मनोज कुमार कत्याल और ध्रुव सिंह मर्तोलिया मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। अधिकारियों ने बाघ को आदमखोर घोषित कर जल्द पकड़ने, पिंजरा लगाने, कैमरा ट्रैप लगाने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद रात में जाम समाप्त हुआ और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
