दिनदहाड़े फायरिंग से दहला देहरादून, कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
राजधानी देहरादून में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज फायरिंग ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की गंभीर कमजोरियों को उजागर कर दिया है। बीते दो महीनों में यह चौथी बड़ी घटना है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मसूरी रोड स्थित गोली रेस्टोरेंट से लेकर जोहड़ी गांव तक करीब तीन किलोमीटर तक दो कारों में सवार आरोपी तेज रफ्तार में एक-दूसरे पर लगातार गोलियां चलाते रहे। इस दौरान एक निर्दोष व्यक्ति, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गई।
इससे पहले फरवरी में गुंजन हत्याकांड, फिर अर्जुन शर्मा और गैंगस्टर विक्रम शर्मा की दिनदहाड़े हत्या जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ताजा मामले में छात्रों और क्लब कर्मचारियों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जिस इलाके में यह गोलीबारी हुई वहां एक स्कूल भी मौजूद है, सौभाग्य से उस समय स्कूल बंद था, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
चौंकाने वाली बात यह रही कि तेज हॉर्न और फायरिंग के बावजूद पुलिस की मौजूदगी नजर नहीं आई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद ब्रिगेडियर की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस के अनुसार आरोपी एक विश्वविद्यालय के छात्र हैं, जिससे यह सवाल भी उठ रहा है कि इन युवाओं को अवैध हथियार आखिर कौन उपलब्ध करा रहा है। हाल की अन्य घटनाओं ने भी शहर में बढ़ती हिंसा की चिंता बढ़ा दी है।
