मिशन एप्पल से बदलेगी पहाड़ के किसानों की तस्वीर, नैनीताल के बागवानों को मिलेगा बड़ा सहारा
पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों की आय बढ़ाने और सेब उत्पादन को नई पहचान दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने मिशन एप्पल योजना के तहत बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 42 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जिसमें से करीब 20 से 25 प्रतिशत राशि जिले को मिलने की संभावना है। इससे नैनीताल जिले के फल पट्टी क्षेत्र जैसे मुक्तेश्वर, रामगढ़ और नथुवाखान के हजारों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
उद्यान विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना में किसानों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। यानी आधुनिक सेब बगीचा विकसित करने की कुल लागत का केवल 40 प्रतिशत हिस्सा ही किसानों को देना होगा। योजना के तहत सिर्फ पौधों का वितरण ही नहीं किया जाएगा, बल्कि विभाग की ओर से वैज्ञानिक तरीके से बगीचों की तैयारी, सुरक्षा के लिए घेराबंदी और सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
वर्ष 2025-26 के लिए उद्यान विभाग ने मिशन मोड में काम करते हुए रामगढ़ और धारी ब्लॉक के 44 प्रगतिशील किसानों का चयन किया है। ये किसान करीब 7.90 हेक्टेयर भूमि पर नई तकनीक से सेब की खेती करेंगे। छोटे और मध्यम किसानों को ध्यान में रखते हुए दो नाली से लेकर 20 नाली तक बाग लगाने की व्यवस्था की गई है।
रामगढ़, मुक्तेश्वर और धानाचूली क्षेत्र में उत्पादित सेब हल्द्वानी, देहरादून, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों तक भेजे जाते हैं, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है।
