विकास के दावों के बीच बदहाल हल्द्वानी—खुदी सड़कों से जनता परेशान
हल्द्वानी में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर साफ नजर आ रहा है। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी गलियों तक जगह-जगह खुदाई के बाद उन्हें अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। कार्यदायी संस्थाएं और जिम्मेदार अधिकारी इस स्थिति को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। परिणामस्वरूप ऊबड़-खाबड़ और टूटी सड़कों पर आए दिन राहगीर, दोपहिया चालक और स्कूली बच्चे हादसों का शिकार हो रहे हैं।
हाल ही में कमिश्नर दीपक रावत ने नहर कवरिंग रोड से सटी कॉलोनियों का निरीक्षण कर सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए थे, लेकिन हालात में खास सुधार नहीं दिखा। लंबे समय से यूयूएसडीए सहित कई विभाग शहर में सीवर और पेयजल लाइनों के कार्य करा रहे हैं। बड़े ठेकेदारों द्वारा काम छोटे ठेकेदारों को सौंपने के बाद खुदाई तो कई जगह कर दी गई, लेकिन मरम्मत अधूरी ही छोड़ दी गई।
स्थिति यह है कि शहर के कई इलाकों में सड़कों को एक से दो साल पहले खोदा गया था, जो अब तक ठीक नहीं हो सकीं। इससे आवाजाही मुश्किल हो गई है और सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है।
