फरवरी का आसमान बनेगा खगोलीय उत्सव, हर सप्ताह दिखेंगे अद्भुत नज़ारे
फरवरी का महीना खगोलप्रेमियों के लिए खास सौगात लेकर आया है। इस पूरे माह आकाश में एक के बाद एक रोमांचक खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी, जो इसे सचमुच “स्टार स्टडेड” बना देंगी। महीने की शुरुआत कड़ाके की ठंड के बीच स्नो मून यानी पूर्णिमा की दूधिया रोशनी से हुई, जिसने रात के आकाश को खास चमक दी।
8 फरवरी की सुबह अल्फा सेंटॉरिड उल्कापात अपने चरम पर रहेगा। इस दौरान आकाश में चमकीली और अपेक्षाकृत धीमी गति से चलने वाली उल्काएं टूटते तारों की तरह नजर आएंगी, जो दर्शकों के लिए बेहद आकर्षक होंगी। इसके बाद 17 फरवरी को एक दुर्लभ वलयाकार सूर्यग्रहण घटित होगा, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। इस खगोलीय घटना में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाएगा, बल्कि सूर्य का चमकता हुआ छल्ला चारों ओर दिखाई देगा। हालांकि खगोल विशेषज्ञ प्रमोद सिंह खाती के अनुसार यह नजारा भारत में नहीं दिखेगा और मुख्यतः दक्षिणी हिंद महासागर व अंटार्कटिका क्षेत्र में ही देखा जा सकेगा।
18 और 19 फरवरी की शाम सूर्यास्त के तुरंत बाद पतला चंद्रमा बुध और शनि के पास दिखाई देगा, जिससे एक सुंदर त्रिग्रहीय युति बनेगी। वहीं 24 फरवरी की रात अर्धचंद्र, प्लेइडीज तारक समूह के समीप से गुजरते हुए आकाश को और भी मनोहारी बना देगा। कुल मिलाकर, फरवरी का आसमान प्रकृति का एक भव्य खगोलीय प्रदर्शन पेश करने जा रहा है।
