आसमान में बृहस्पति का महासंगम: जनवरी की रातों में दिखेगा सौरमंडल का दैत्य ग्रह
जनवरी का महीना इस बार आकाश प्रेमियों के लिए बेहद खास साबित हो रहा है, क्योंकि सौरमंडल का सबसे विशाल ग्रह बृहस्पति इन दिनों पृथ्वी के काफी नजदीक आ गया है। 10 जनवरी की रात बृहस्पति पृथ्वी के सबसे करीब होगा और इस कारण यह सामान्य दिनों की तुलना में अधिक बड़ा, स्पष्ट और अत्यंत चमकदार दिखाई देगा। इस समय बृहस्पति अपोज़िशन की अवस्था में रहेगा, यानी वह सूर्य के ठीक विपरीत दिशा में स्थित होगा। इसी वजह से इसकी चमक अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाएगी, जो लगभग –2.7 मैग्नीट्यूड होगी। इसका ग्रह-डिस्क भी करीब 45.6 आर्कसेकंड तक फैला नजर आएगा।
इस खगोलीय घटना की खास बात यह है कि बृहस्पति को देखने के लिए किसी दूरबीन या टेलीस्कोप की अनिवार्यता नहीं है। सूर्यास्त के बाद से लेकर सूर्योदय तक यह लगातार आकाश में दिखाई देगा और आधी रात के समय मिथुन तारामंडल में अपने सबसे ऊंचे स्थान पर होगा। नग्न आंखों से भी यह एक बेहद चमकीले पिंड के रूप में आसानी से पहचाना जा सकेगा।
एस्ट्रो फोटोग्राफर और अंतरिक्ष विज्ञान विशेषज्ञ प्रमोद सिंह खाती के अनुसार, यदि साधारण दूरबीन या छोटा टेलीस्कोप प्रयोग किया जाए तो बृहस्पति के चार प्रसिद्ध गैलीलियन चंद्रमा—आयो, यूरोपा, गैनीमीड और कैलिस्टो—भी देखे जा सकते हैं। ये चंद्रमा निरंतर गति में रहते हैं और कभी ग्रह के पीछे तो कभी उसके सामने दिखाई देते हैं।
हालांकि ये चार चंद्रमा सबसे प्रसिद्ध हैं, लेकिन बृहस्पति के कुल 97 ज्ञात चंद्रमा हैं। पहले यह ग्रह सबसे अधिक चंद्रमाओं वाला माना जाता था, लेकिन हाल ही में शनि के 128 नए चंद्रमाओं की खोज के बाद शनि 274 चंद्रमाओं के साथ पहले स्थान पर पहुंच गया है, जबकि बृहस्पति अब दूसरे स्थान पर है।
