सोशल मीडिया से संवरता भविष्य: उत्तराखंड में युवाओं का नया डिजिटल सफर
आज के दौर में “कंटेंट क्रिएटर” केवल एक शब्द नहीं, बल्कि युवाओं की नई पहचान बन चुका है। लाइक्स, फॉलोअर्स और वायरल होने की चाह ने सोशल मीडिया को मनोरंजन की सीमाओं से निकालकर करियर के मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है। खासतौर पर उत्तराखंड के युवा मोबाइल फोन और कैमरे के सहारे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। छोटी स्क्रीन पर बड़े सपने संजोए ये युवा सोशल मीडिया को न सिर्फ रोजगार पाने बल्कि दूसरों को रोजगार देने का माध्यम भी मान रहे हैं।
राजधानी देहरादून पिछले कुछ वर्षों में तेजी से कंटेंट क्रिएशन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। यहां कई युवा अपने पारंपरिक पेशे के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं, जबकि कुछ ने पूरी तरह सोशल मीडिया को ही अपनी आय का स्रोत बना लिया है। उत्तराखंड की मनमोहक वादियां, अनदेखे पर्यटन स्थल और समृद्ध लोकसंस्कृति अब सोशल मीडिया पर नए ट्रेंड्स को जन्म दे रहे हैं।
दून के कंटेंट क्रिएटर पहाड़ी व्यंजन, पारंपरिक परिधान और गढ़वाली-कुमाऊंनी संगीत को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी लोकप्रियता बढ़ रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक लाभ भी हो रहा है। रील और वीडियो बनाना अब युवाओं की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है।
चाहे पलटन बाजार की चहल-पहल हो या देहरादून की शांत गलियां, हर कोना युवाओं के लिए नए कंटेंट की संभावना लेकर आता है। बदलते डिजिटल ट्रेंड और बढ़ती रचनात्मकता के साथ सोशल मीडिया उत्तराखंड के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की एक नई और मजबूत राह बनता जा रहा है।
